इन्सा अनुसंधान प्रोफेसरवृत्ति
|
अकादमी ने विज्ञान और/अथवा प्रौद्योगिकी में भारतीय वैज्ञानिकों के उत्कृष्ट योगदान को मान्यता प्रदान करने के लिए 1984 में अनुसंधान प्रोफेसरवृत्ति प्रारम्भ की थी। यह प्रतिष्ठित प्रोफेसरवृत्ति 5 वर्ष की अवधि के लिए होती है और एक समय में इसकी कुल संख्या 5 से अधिक नहीं होती है।
|
| प्रोफेसरवृत्ति का नाम |
इस कार्यक्रम को इन्सा अनुसंधान प्रोफेसरवृत्ति कहा जाता है और अकादमी प्रोफेसर को इन्सा अनुसंधान प्रोफेसर के रूप में पदनामित किया जाता है। 5 इन्सा प्रोफेसरवृत्ति के नाम अलबर्ट, आइन्सटाइन अनुसंधान प्रोफेसर, स्वर्ण जयंती अनुसंधान प्रोफेसर, चन्द्रशेखर वेंकट रमन अनुसंधान प्रोफेसर, श्रीनिवास रामानुजम अनुसंधान प्रोफेसर और सतेन्द्रनाथ बोस अनुसंधान प्रोफेसर रखा गया है।
|
| उद्देश्य |
यह प्रोफेसरवृत्ति अकादमी के क्षेत्र में आने वाली विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी की किसी शाखा में उत्कृष्ट योगदान की मान्यता हेतु प्रदान की जाती है। प्रोफेसरवृत्ति का मुख्य उद्देश्य उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान योगदान वाले व्यक्ति को मान्यता प्रदान करना और उसे अपनी इच्छा के विषय में योगदान देने को जारी रखने को समर्थ बनाना है। इन्सा अनुसंधान प्रोफेसर अपने स्वयं के संस्थान या भारत के भीतर अन्य किसी उपयुक्त संस्थान में कार्य करना जारी रख सकता है।
|
| पात्रता |
यह पुरस्कार भारत में किसी मान्यता प्राप्त अनुसंधान संस्थान/विश्वविद्यालय में कार्य कर रहे किसी भारतीय वैज्ञानिक/तकनीकीविद को ही दिया जा सकता है।
|
| संख्या |
किसी भी समय कुल संख्या 5 से अधिक नहीं ।
|
| अवधि |
प्रोफेसरवृत्ति 5 वर्ष हेतु मान्य है।
|
| राशि |
प्रोफेसरवृत्ति में 80,000/- रूपये प्रतिमाह का निर्धारित वेतन जमा लागू भत्ते शामिल होंगे। पेंशन लाभ आदि की कटौती भारत सरकार के नियमों के अनुसार की जाएगी। आकस्मिकताओं हेतु 1,00,000/- रूपये प्रतिवर्ष की राशि भी मुहैया करवाई जाएगी।
अनुसंधान प्रोफेसर की सहायता के लिए अनुसंधान सहायक की नियुक्ति का प्रावधान होगा (डीएसटी/सीएसआईआर दिशा-निर्देशों के अनुसार)
संबंधित संस्थान जहां तक संभव हो कार्य करने की सुविधाएं जैसे कि अनुसंधान सुविधाएं, सचिवालयीन सुविधाएं आदि मुहैया करवाएगा (जहां आवश्यक हो आकस्मिकता निधियों में से कार्य आधार पर या टेलीफोन तथा सचिवालयीन सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकती हैं) । निधियों को संस्थानों द्वारा इन्सा से लिया जाएगा।
|
| प्रोफेसरवृत्ति की घोषणा |
अध्यक्ष इस प्रयोजन हेतु गठित समिति की सहायता से चयन किए गए वैज्ञानिक का नाम परिषद के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करेगा। प्रोफेसरवृत्ति प्रदान किए जाने वाले के नाम की घोषणा अगली आम बैठक में की जाएगी । यह अकादमी द्वारा पेशकश किए जाने की तिथि से एक वर्ष अथवा प्रोफेसरवृत्ति रिक्त होने की तिथि से एक वर्ष, जो भी बाद में हो, के लिए वैध रहेगी।
|
| निबंधन एवं शर्ते |
 |
प्रोफेसर के कार्य से उत्पन्न होने वाले बौद्विक संपदा अधिकार मेजबान संस्थान के मानदण्डों से शासित होंगे। |
 |
इन्सा अनुसंधान प्रोफेसरवृत्ति हेतु सपोर्ट की सभी प्रकाशनों में आभारोक्ति दर्शाई जाएगी। |
 |
इन्सा प्रोफेसर वर्ष के अंत में किए गए कार्य की एक विस्तृत वार्षिक रिपोर्ट तथा साथ में अगले वर्ष अनुदान जारी करने हेतु व्यय का विवरण अकादमी को प्रस्तुत करेगा। |
 |
प्रोफेसरवृत्ति के समाप्त होने के पश्चात वह अकादमी की कार्यवाहियों के प्रकाशन हेतु समीक्षा लेख के रूप में एक व्यापक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगा। |
 |
उन्हें इन्सा अनुसंधान प्रोफेसर के रूप में अपना कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात इन्सा बैठकों में से एक के दौरान एक व्याख्यान देने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा। |
 |
इन विनियमों को इन्सा की परिषद द्वारा किसी भी समय बदला या संशोधित किया जा सकता है। |
| |
|
|
|