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भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इन्सा) की स्थापना जनवरी, 1935 में देश के वैज्ञानिक समुदाय और बुद्विजीवी नेतृत्व के संयुक्त प्रयास के परिणामस्वरूप भारत में विज्ञान को बढावा देने तथा मानवता एवं राष्ट्रीय कल्याण हेतु वैज्ञानिक ज्ञान के उपयोग के उद्‌‌देश्य से की गई थी। अकादमी (इन्सा) ने वर्ष 2009-10 को भारतीय विज्ञान की उपलब्धियों तथा चुनौतियों को दर्शाने वाली कई विचार गोष्ठियों, चर्चाओं, बैठकों तथा विशेष व्याख्‍यानों का आयोजन करके एक भव्य तरीके से अपने प्‍लेटिनम जयन्ती वर्ष के रूप में मनाया ।

अपनी स्थापना के 75 वषों की एक अल्पावधि में इन्सा ने विज्ञान में उत्कृष्टता को बढावा तथा मान्यता देने के अतिरिक्त सरकार तथा जनता को विशेषज्ञ तथा पक्षपात रहित मत मुहैया करवाने वाले दस्तावेजों/रिपोर्टो तथा स्थिति दस्तावेजों को ला कर वैज्ञानिक महत्व तथा राष्ट्रीय कल्याण के मुद्‌‌दों पर भी ध्यान दिया है । कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ध्यान देने के मामले में इसका योगदान काफी प्रभावशाली रहा है। ध्यान दिए गए विषयों में शान्त घाटी, संक्रामक रोग, रीकाम्बीनेंट डीएनए मौलीक्यूल अनुसंधान के आयोजन हेतु दिशा-निर्देश, नमक में आयोडीन मिलाना, अनुवांशिक संशोधित फसलें, कृषि में मूलभूत विज्ञान की भूमिका, भारत में जल समस्याएं, भारत में महिला वैज्ञानिक, भारतीय विज्ञान रिपोर्ट, विज्ञान शिक्षा, प्रयोगात्मक अनुसंधान में पशुओं के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश, भारत में इन्स्ट्रुमेंटेशन के विकास हेतु एक रोड मैप, भारत हेतु ऊर्जा विकल्प, ऊर्जा तथा खाद्य सुरक्षा और जीव विज्ञान में बौद्विक संपदा अधिकार शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय भी इन्सा से आईएपी, आईएसी, आईसीएसयू और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों में इसकी भागीदारी के माध्यम से अपना अनुभव बांटने की आशा करता है जो जनसंख्‍या, जल, विज्ञान शिक्षा, ऊर्जा, बड़े शहर, जलवायु परिवर्तन तथा ऐसे ही कई अन्य विषय शामिल होने वाले कुछ तत्कालिक वैश्विक समस्याओं हेतु समाधान मुहैया करवाने के लिए आवश्यक हैं ।

राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय अनुभव और ऐसी परामर्शी भूमिका में योगदान देने में प्राप्त होने वाली प्रतिष्ठा को देखते हुए प्रो. एम.विजयन, अध्य, इन्सा ने प्‍लेटिनम जयन्ती उदघाटन समारोह में अपने उदबोधन और भारत के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में एक स्वतंत्र विज्ञान नीति अध्ययन प्रकोष्ठ स्थापित करने की पहल की थी। प्रधानमंत्री ने भी अपने इन्सा प्‍लेटिनम जयन्ती प्रारम्द्रिक उदबोधन के दौरान इस कदम की सराहना की थी। उन्होंने कहा ''हम विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास से संबंधित मुद्‌‌दों पर सरकार और देश को परामर्श देने वाले एक शीर्षस्थ निकाय के रूप में इन्सा की भूमिका को मूल्यवान मानते हैं। हमें यह देखना होगा कि आमतौर पर भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और विशेष रूप्‌ से इन्सा हमारे राष्ट्रीय जीवन में भूमिका अदा करे।'' कोलकाता में समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के राष्ट्रपति ने भी राष्ट्र की यह इच्छा व्यक्त की कि इन्सा राष्ट्र के विचार स्रोत के रूप में उभरे ।

तब से विज्ञान नीति प्रकोष्ठ का गठन किया गया है और उसने कार्य प्रारम्‍भ कर दिया है। पहले से ही राष्ट्रीय महत्व के कुछ वर्तमान विज्ञान संबंधी क्षेत्रों पर रिपोर्ट प्रकाशित करने का कार्य जारी है। इसमें ट्रांसजैनिक फसलों पर सरकार के अनुरोध पर तथा देश की 5 अन्य अकादमियों के साथ सहयोग से एक प्रमुख रिपोर्ट शामिल है। हाल ही में एसपीसी मसौदा पशु कल्याण अधिनियम 2011 में प्रस्तावित विभिन्न खंडों पर वैज्ञानिक समुदाय की ओर से मत के निरूपण में नियोजित थी जिसका देश में जैव चिकित्सा अनुसंधान के शिक्षण, प्रशिक्षण तथा संवर्धन पर एक निर्णायक प्रभाव होगा। सितम्बर, 2011 मे ''मानव, पशु और विज्ञान'' विषय पर एक विचारशील बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें सभी हितधारकों को जैव चिकित्सा अनुसंधान में पशुओं के उपयोग के समूचे मुद्‌‌दे पर समग्र रूप से विचार-विमर्श करने के लिए एकत्र किया गया था। हितधारकों के मत मंत्रालय को संप्रेषित कर दिए गए थे और साथ ही साथ वैज्ञानिक अनुसंधान तथा शिक्षा में पशुओं के उपयोग के सभी पहलुओं को कवर करने हेतु एक व्यापक प्रकाशन को प्रकाशित किया गया था, जो अब विमोचन हेतु तैयार है और इसका संपादन पी.एन. टंडन, के.मुरलीधर और वाई.के.गुप्ता द्वारा किया गया है। प्रकाशन की प्रति को आर्डर देकर खरीदा जा सकता है। इस प्रकोष्ठ ने सूक्ष्म पोषक तत्वों, स्वच्छ ऊर्जा और हानिकारक अवशिष्ट तथा शहरीकरण के अध्ययन हेतु पहले प्रारम्‍भ की है। इसी दौरान प्रकोष्ठ कार्य हेतु भविष्य के विषयों की पहचान करने और साथ ही साथ इन विषयों पर ध्यान देने के लिए देश में विशेषज्ञों को सहयोजित करने हेतु एक दृढघ् तंत्र बनाने हेतु अपने अनुभव का उपयोग करने का भी प्रयास कर रहा है।

इच्छुक व्यक्ति निम्नलिखित पर संपर्क कर सकते हैं -

एस.के. साहनी
सलाहकार, विज्ञान नीति अध्ययन प्रकोष्ठ
टेलीफोन - +91-11-23221971
+91-11-233221931-50(20 लाइने)
फैक्स +91-11-23235648, 23231095
ई-मेल - scipol2012@gmail.com, sci.pol@insa.nic.in


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