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चुने गए विदेशी अध्‍येता
(01 जनवरी, 2014 से प्रभावी)

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रॉबर्ट ह्युबर (जन्‍म : 1937), एन एल, अवकाशप्राप्‍त अनुसंधान प्राध्‍यापक, मैक्‍स-प्‍लांक इं‍स्टिट्यूट फॉर बायो केमिस्‍ट्री, एम क्‍लोपफर्शपिज 18, डी-82152, मार्टिन्‍स रीड, जर्मनी।
प्रोफेसर ह्युबर, एन एल ने जैव बृहत् कणों की संरचना तथा प्रकार्यों को समझने के क्षेत्र में प्रमुख योगदान किया है। इसके अतिरिक्‍त, आपने प्रोटीन क्रिस्‍टल विज्ञान के संबंध में आंकड़ों के संग्रहण तथा विधियों हेतु उपकरणों के विकास में इलेक्‍ट्रॉन प्रचुर धातु क्‍लस्‍टरों के प्रयोग में तथा हाल में क्रिस्‍टर में सुधार हेतु विधियों तथा उपकरणों को निर्मित करने में भी योगदान किया है। प्रोफेसर ह्युबर ने अनेकों बार भारत की यात्रा की है तथा भारतीय वैज्ञानिकों के साथ पारस्‍परिक बातचीत करते रहते हैं।

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थॉमस कैलथ (जन्‍म : 1935), हिताची अमेरिका प्रोफेसर ऑफ इंजीनियरिंग, अवकाशप्राप्‍त, सूचना प्रणाली प्रयोगशाला, वैद्युत इंजीनियरिंग विभाग, स्‍टेनफोर्ड, सी ए 94305-9510, संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका।
प्रोफेसर कैलथ विश्‍वभर में वैद्युत अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अग्रणी अनुसंधान कार्यों के लिए अत्‍यधिक सुविख्‍यात वैज्ञानिक हैं तथा आपका कॅरियर प्रणाली, अभिकलन, संचार, नियंत्रण तथा अर्ध-चालक लिथोग्राफी के क्षेत्रों तक विस्‍तृत है। प्रोफेसर कैलथ भारतीय शिक्षा जगत में एक अत्‍यधिक प्रतिष्ठित व्‍यक्तित्‍व के रूप में जाने जाते हैं तथा प्रणाली डिसीप्लिन में उच्‍च प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारी रखने वाले व्‍यक्ति के रूप में और विशेषकर इस क्षेत्र के युवा अनुसंधानकर्ताओं के लिए आप अत्‍यधिक सम्‍मानित नाम हैं। आपको वर्ष 2009 में पद्म भूषण से सम्‍मानित किया गया। आप भारत भर में स्थित सभी शैक्षणिक संस्‍थाओं और औद्योगिक मार्गदर्शकों में अत्यधिक सम्‍मानित स्‍थान रखते हैं।

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फेडर एन्ड्रिविच कुज्‍नेब्‍सोव (जन्‍म : 1932), पदार्थ वैज्ञानिक, रूसी विज्ञान अकादमी की 3 लैवरनटीव प्रोस्‍पेक्‍ट 630090 नोवोसिबिरस्‍क, रूस स्थित साइबेरियाई अकादमी के  अकार्बनिक रसायन संस्‍थान के प्रकार्यात्‍मक पदार्थ विभाग के प्रमुख हैं।
डॉ कुज्‍नेब्‍सोव द्वारा किए गए अनुसंधान पदार्थ अनुसंधान के क्षेत्र में गुणात्‍मक विधियों को प्रयोग में लाने से संबंधित अनुसंधान कार्य हैं। आपके दिए गए कार्यों में सौर प्रकाश वोल्‍टाइक, विभिन्‍न अनुप्रयोगों में इन्‍ट्रोस्‍कॉपी (जैसेकि चिकित्‍सा, भू-भौतिकी, नाभिकीय भौतिकी, सेक्‍युरिटी आदि) शामिल हैं। आप भारत-यू एस एस आर  आई एल टी पी कार्यक्रम में अत्‍यधिक सक्रिय रहे हैं तथा आप पदार्थ विज्ञान के कोऑर्डिनेटर रहे हैं और बाद में आपने इससे संबंधित बैठकों/मंचों की सह-अध्‍यक्षता की है। इन अन्‍योन्‍यक्रियाओं के फलस्‍वरूप अर्ध-चालक सिलिकॅन, ऑक्‍साइड क्रिस्‍टलों, इन्‍फ्रारेड लेजरों के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय प्रगति प्राप्‍त की जा सकी है तथा सुदक्ष सिंटिलेटरों के प्रयोग पर आधारित असरक्‍त लेजर तथा युक्तियां विकसित की गई हैं।

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सुब्रा सुरेश (जन्‍म : 1956), प्रेसिडेंट-इलेक्‍ट-कैम्ब्रिज मेलोन विश्‍वविद्यालय, अध्‍यक्ष का कार्यालय, 5000 फोर्ब्‍स एवेन्‍यू, पीटर्सबर्ग, पी ए 1523  412-268-2000 संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका।
प्रोफेसर सुरेश ने इंजीनियरी पदार्थों में श्रांति तथा विभंग से लेकर तनु फिल्‍मों में अपरूपण तक और हाल में जैविक पदार्थों के यांत्रिक गुण जैसेकि लाल रक्‍त कोशिकाओं तथा रोग की अवस्‍था से उनके संबंध आदि जैसे व्‍यापक प्रकार के विषयों में अपना महत्‍वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान दिया है। प्रोफेसर सुरेश ने भारत तथा भारतीय विज्ञान के साथ गहरा संबंध बनाए रखा है। आपने अनेक अंतर्राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों को आरंभ किया है जिनके माध्‍यम से भारत तथा संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका के बीच वैज्ञानिक पारस्‍परिक संबंध मजबूत हुए हैं।

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