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सामान्य पदक और व्याख्यान पुरस्कार

पदक
  (क) विज्ञान की किसी भी शाखा में
  (ख) विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए

  (क) विज्ञान की किसी भी शाखा में
    (i) चंद्रशेखर वेंकट रमन पदक
(ii) शांति स्वरुप भटनागर पदक
(iii) मेघनाद साहा पदक
(iv) आर्यभट्ट पदक
   

उपरोक्त पदक अकादमी के दायरे में आने वाले विज्ञान की किसी भी शाखा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जायेंगे। अध्यक्ष इन्सा द्वारा पुरस्कार के वर्ष के दिसंबर या जनवरी में आयोजित होने वाली एक बैठक में नाम का सुझाव दिया जाएगा जिसकी घोषणा परिषद की वर्षगांठ आम बैठक में की जाएगी।

पुरस्कृत व्यक्ति को अकादमी की अगली वार्षिक आम बैठक या किसी सामान्य बैठक में अपनी पसंद के विषय पर एक व्याख्यान देना होगा। पुरस्कार सस्वरूप एक ताम्र पदक (गोल्ड प्लेटेड) और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

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  (ख) विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए
    (1) विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
 


1. पुरस्कार 1986 में अकादमी द्वारा देश में विज्ञान की लोकप्रियता को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किया गया था। पुरस्कार तीन साल में एक बार किसी भी व्यक्ति द्वारा अंग्रेजी सहित किसी भी भारतीय भाषा में विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के क्षेत्र में किये गए उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाता है। मनोनीत व्यक्ति का एक लेखक, संपादक, पत्रकार, व्याख्याता, रेडियो या टीवी कार्यक्रम निदेशक, विज्ञान फोटोग्राफर के रूप में एक प्रतिष्ठित कैरियर होना चाहिए जिसके कारण वह विज्ञान (चिकित्सा सहित) अनुसंधान और प्रौद्योगिकी की व्याख्या आम जनता के लिए करने में सक्षम हो। उसे सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने में विज्ञान के योगदान और मानवता की समस्याओं के समाधान में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की भूमिका का ज्ञान होना चाहिए। प्रथम पुरस्कार 1986 में दिया गया था।

पुरस्कार देश में रहने वाले किसी भी भारतीय नागरिक को दिया जा सकता है और इसमें 25,000 रुपये का मानदेय, प्रशस्ति पत्र और एक कांस्य पदक शामिल है:-

ए) एक करियर मीडिया कर्मी द्वारा अंग्रेजी भाषा में विज्ञान की लोकप्रियता का प्रयास
बी) एक करियर वैज्ञानिक द्वारा अंग्रेजी भाषा में विज्ञान की लोकप्रियता का प्रयास
सी) करियर मीडिया कर्मी या वैज्ञानिक द्वारा अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य भाषा में विज्ञान की लोकप्रियता का प्रयास

2. पुरस्कार के विचार के लिए नामांकन इन्सा अध्येता, कुलपति, डीन, प्रधानाध्यापकों, प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के निदेशक और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और चयनित भारतीय विज्ञान पत्रिकाओं के संपादकों से आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए विज्ञापन भी चयनित लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

(1) नाम और पद के उम्मीदवार का पता, (2) नाम, पदनाम और नामजद करने वाला व्यक्ति का पता, (3) नामांकित व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य का सारांश नामांकन (लगभग 200 शब्दों) जो नामांकन पत्र निर्दिष्ट करने का आधार बनेगा (4) एक वृहत् बयान (1000 शब्दों में) जिसमें विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की दिशा में नामित व्यक्ति के कैरियर के बारे में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध हो, (5) नामांकित व्यक्ति का जीवन वृतांत (तीन पृष्ठों से अधिक नहीं ) और नामांकित व्यक्ति की प्रकाशित सामग्री की सूची। जूरी द्वारा देखने के लिए उपलब्ध कराया जाना महत्वपूर्ण कार्यों के जेरॉक्स प्रतियों के पांच सेट, (6) प्रस्तुत काम (आंशिक या पूरा) किसी भी अन्य पुरस्कार के लिए स्वीकार किया गया है कि नहीं, और (7) तीन संदर्भो के नाम (पते और टेलीफोन नंबर के साथ) जिन्हें अधिक जानकारी के लिए संपर्क किया जा सकता है। अकादमी में नामांकन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।

3. अध्यक्ष, इन्सा, अपने अलावा चार सदस्यों की एक समिति नियुक्त करेंगे जो नामांकन पर विचार करेगी और परिषद के लिए सिफारिशें करेगी। यदि आवश्यक हो तो समिति को क्षेत्र में विशेषज्ञों से परामर्श करने का अधिकार होगा। निर्णय के लिए अखबारों, पत्रिकाओं, लोकप्रिय पुस्तकें और रेडियो और टेलीविजन कार्यक्रमों और फिल्मों के लिए तैयार लिपियों में लिखने की सामग्री को शामिल किया जाएगा। पहल, मौलिकता, वैज्ञानिक सटीकता, उत्साह, रुचि और विज्ञान की समझ पैदा करने की व्याख्या और प्रभाव की स्पष्टता प्रविष्टियों को पहचानने के लिए महत्वपूर्ण मापदंड होगा। पहले से ही किसी अन्य पुरस्कार के लिए मान्यता प्राप्त कार्य नहीं माना जाएगा। समिति की सिफारिशों पर दिसंबर/जनवरी में परिषद द्वारा विचार किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनित व्यक्ति के नाम की घोषणा अकादमी की वर्षगांठ आम बैठक में की जाएगी।

 

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    (ii) विज्ञान का संवर्धन और सेवा के लिए इन्सा पदक
 

पदक की स्थापना वर्ष 2001 में अकादमी द्वारा भारत में विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए असाधारण सेवा प्रदान करने वाले लोगों को पहचानने के उद्देश्य से की गयी थी।

पदक भारत में विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए व असाधारण सेवा के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कार किसी भी भारतीय नागरिक के लिए खुला है और इसमें एक स्वर्ण पदक (20 ग्राम) और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। अध्यक्ष, इन्सा, परिषद द्वारा विचार के लिए, दिसंबर/जनवरी में आयोजित होने वाली परिषद की बैठक में नामों का सुझाव देंगे और चयनित पुरस्कार नाम की घोषणा वर्षगांठ आम बैठक में की जाएगी, । प्रथम पुरस्कार वर्ष 2002 में दिया गया था।

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  व्याख्यान


विज्ञान की किसी भी शाखा के लिए

(1) शिशिर कुमार मित्रा स्मारक व्याख्यान

यह व्याख्यान स्वर्गीय प्रोफेसर शिशिर कुमार मित्रा, जो फाउंडेशन फैलो और अकादमी के पूर्व अध्यक्ष थे की स्मृति में अकादमी की जनरल फंड से वर्ष 1963 में स्थापित किया गया था। प्रथम पुरस्कार वर्ष 1966 में दिया गया था।

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(2) करियामनिक्कम श्रीनिवास कृष्णन स्मारक व्याख्यान

यह व्याख्यान स्वर्गीय प्रोफेसर करियामनिक्कम श्रीनिवास कृष्णन, जो फाउंडेशन फैलो और अकादमी के पूर्व अध्यक्ष थे की स्मृति में अकादमी के जनरल फंड से वर्ष 1965 में स्थापित किया गया था। प्रथम पुरस्कार वर्ष 1969 में दिया गया था।

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(3) दौलत सिंह कोठारी स्मारक व्याख्यान

यह व्याख्यान स्वर्गीय प्रोफेसर दौलत सिंह कोठारी, जो एक प्रतिष्ठित अध्येता और अकादमी के पूर्व अध्यक्ष थे की स्मृति में अकादमी की जनरल फंड से वर्ष 1993 में स्थापित किया गया था। प्रथम पुरस्कार वर्ष 1996 में दिया गया था।

अध्यक्ष, इन्सा, परिषद द्वारा विचार के लिए दिसंबर/जनवरी में आयोजित परिषद की बैठक में नामों का सुझाव देंगे और परिषद द्वारा चयनित नामों की घोषणा वर्षगांठ आम बैठक में की जाएगी। व्याख्यान पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र और 25,000 रुपये का मानदेय भी शामिल है।

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(4) जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी व्याख्यान

यह व्याख्यान अकादमी की सामान्य फंडों से 1989 में स्थापित किया गया था। तीन साल में एक बार दो भारतीय वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जाता है। एक पुरस्कार भौतिक विज्ञान (सेक्शन कमिटी 1 से 6) और दूसरा जीव विज्ञान (सेक्शन कमिटी 7 से 12) में दिया जाएगा। लेक्चरशिप में 25,000 रुपए का मानदेय और एक प्रशस्ति पत्र शामिल है।

अध्यक्ष, इन्सा, पुरस्कार वर्ष की पूर्ववर्ती अक्टूबर में आयोजित होने वाले बैठक में परिषद द्वारा विचार के लिए नामों का सुझाव देंगे। परिषद द्वारा चयनित नामों की घोषणा अकादमी की वार्षिक आम बैठक में की जाएगी।

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